बांदा, मई 14 -- बांदा। कलेक्ट्रेट और मंडलायुक्त कार्यालय में हर रोज कई-कई मीटिंग होती है। इसमें जिला व मंडल स्तरीय अधिकारी सरकारी गाड़ियों से मीटिंग में पहुंचते हैं। इसके अलावा ज्यादातर सरकारी कर्मचारी व शिक्षक बाइक या सार्वजनिक वाहनों के बजाए निजी चार पहिया से विद्यालय व आफिस आते जाते हैं। मुख्यमंत्री ने वर्क फ्राम होम और वर्चुअल मीटिंग के जरिए डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने की अपील की है। वहीं जनपद में अभी इस घोषणा को लेकर कोई खास अमल नहीं हो रहा है। कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा सहित कई मीटिंग में अधिकारी वाहन से पहुंच रहे हैं। बड़े अधिकारियों के काफिले में भी कोई कटौती नजर नहीं आ रही है। यह भी पढ़ें- अफसरों व माननीयों के काफिलों में नहीं नजर आई कटौती जनप्रतिनिधि हों या अधिकारी सिर्फ आमजन से ही ईंधन बचाने की कवायद कर रहे हैं। यह भी प...