रांची, मार्च 16 -- रांची, संवाददाता। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में आरक्षित वनों की सीमा के पास स्टोन क्रशर लगाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा कि ईको-सेंसिटिव जोन की दूरी की गणना वन्य अभ्यारण्य या राष्ट्रीय उद्यान की सीमा से होगी या संरक्षित वनों की सीमा से। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस संबंध में स्पष्ट शपथपत्र दाखिल किया जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सरकार की ओर से ऐसा कोई शपथपत्र दाखिल नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि संरक्षित वन की सीमा से स्टोन क्रशर लगाने पर लगी 500 मीटर की पाबंदी को वर्ष 2015 और 2017 की अधिसूचनाओं के माध्यम से घटाकर 250 मीटर क्यों किया गया। इस पर अदालत ने नाराजगी भी जताई। स...
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