देहरादून, अगस्त 19 -- देहरादून। प्रमुख संवाददाता विकास और वन संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। वन अधिकारियों को विकास और संरक्षण, पारिस्थितिक सुरक्षा और आजीविका तथा वर्तमान जरूरतों और भावी पीढ़ियों के हितों के बीच संतुलन बनाना होगा। ये बात उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को एफआरआई स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में भारतीय वन सेवा के 2025-27 बैच के परिवीक्षार्थियों और प्रशिक्षण ले रहे रॉयल भूटान वन सेवा के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कही।

उपराष्ट्रपति का मार्गदर्शन उन्होंने प्रशिक्षु अफसरों से कहा कि उनकी सफलता का पैमाना उनका पद नहीं होगा, बल्कि उनका कमाया विश्वास होगा। जो उन्होंने आम लोगों के बीच अर्जित किया होगा। कहा कि विकसित भारत-2047 की दिशा में आगे बढ़ते हुए इन अधिकार...