आरा, नवम्बर 1 -- आरा। निज प्रतिनिधि राजनीति में शुचिता की कसौटी पर सभी प्रत्याशियों को खरा उतरने की जरूरत होती है। नेताओं के राजनीतिक आचरण में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिकता होनी चाहिए। राजनेता और दल अपनी गतिविधियों में शुद्धता, जवाबदेही और सार्वजनिक नैतिकता बनाए रखें, तभी वे सफल राजनीतिज्ञ होंगे। राजनीति में शुचिता होने से भ्रष्टाचार, अनैतिक व्यवहार और पक्षपात से मुक्त एक स्वच्छ राजनीतिक वातावरण बनता है। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान की ओर से आयोजित वन मिनट संवाद में राजनीति में शुचिता की कसौटी क्या-क्या होनी चाहिए विषय पर लोगों ने अपने विचारों को रखते हुए उपरोक्त विचार रखे। कोट राजनीति में शुचिता (नैतिकता) की कसौटी पर खरा उतरने के लिए नेताओं को सिद्धांत आधारित निर्णय लेने, नैतिकता को व्यक्तिगत और पेशेवर लाभ से ऊपर रखने और सार्वजनिक...
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