सोनभद्र, अप्रैल 28 -- ओबरा, हिन्दुस्तान संवाद। उत्तर प्रदेश में हरियाली बढ़ाने को लेकर सरकार की तरफ से बड़े-बड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। बावजूद इसके ओबरा वन प्रभाग से जुड़े क्षेत्र से एक चौकाने वाली तस्वीर सामने आई है। ओबरा वन प्रभाग के रेणुका नदी के तट पर परसोई बीट संख्या 4 के पौधारोपण स्थल पर लाखों रुपए खर्च होने के बाद भी जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। ओबरा वन प्रभाग द्वारा लगाए गए विभागीय बोर्ड के अनुसार 6112 (बोना नाली) बनाए जाने का दावा किया गया है, लेकिन मौके पर ज्यादातर गड्ढे खाली पड़े हुए हैं। जहां पौधे लगाए भी गए हैं वहां भी नियमों तथा मानकों की खुलकर अनदेखी की गई है। यह भी पढ़ें- डीएम को आवेदन देकर जांच की मांग विभागीय नियमों के अनुसार पौधों के बीच लगभग 5 मीटर की दूरी होनी चाहिए, लेकिन उक्त भूमि पर एक मीटर क...
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