इटावा औरैया, मई 21 -- जसवंतनगर। क्षेत्र के ग्राम नगला रामसुंदर में चल रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा महायज्ञ के पंचम दिवस गुरुवार को भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन गमन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कथावाचक आचार्य शशिकांत रामायणी ने बताया कि जब राजा दशरथ ने कैकेयी को दिए गए वरदानों के कारण भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने का निर्णय लिया, तब श्रीराम ने पिता की आज्ञा को धर्म मानकर सहर्ष स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने अपने जीवन से त्याग, आज्ञापालन और आदर्श पुत्र होने का संदेश दिया। यह भी पढ़ें- राम वनगमन की कथा सुन भर आईं श्रद्धालुओं की आंखें कथा में बताया गया कि माता सीता ने पति धर्म निभाते हुए श्रीराम के साथ वन जान...