फतेहपुर, जून 12 -- फतेहपुर। जिले में वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए वन विभाग के पास न तो प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम है और न ही पर्याप्त संसाधन। जहरीले सांपों समेत अन्य वन्यजीवों को पकड़ने के लिए विभाग को निजी लोगों और स्थानीय सपेरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर निगरानी तक सीमित रहते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सांप, नीलगाय, सियार व अन्य वन्यजीवों के आबादी में पहुंचने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग केवल अजगर जैसे कम आक्रामक वन्यजीवों का रेस्क्यू कर पाता है, जबकि अन्य मामलों में निजी लोगों पर निर्भरता बनी रहती है। रेंजर प्रथम रूप सिंह ने बताया कि वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम वन लाइफ विभाग के पास होती है, वन विभाग रेस्क्यू के दौरान ग्रामीणों की मदद से वन्यजीवों को पकड़ता है।

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