बागेश्वर, मार्च 27 -- जिले में वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम के लिए शुक्रवार को चिंतन मंथन सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यक्रम शीतलाखेत मॉडल के तहत वनाग्नि प्रबंधन प्रशिक्षण के रूप में आयोजित हुआ, जिसमें विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण शामिल हुए। कार्यशाला में शीतलाखेत मॉडल के संयोजक गजेंद्र पाठक ने पीपीटी के माध्यम से वनाग्नि सुरक्षा और प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आग की घटनाओं को रोकने के उपायों और इसमें सामुदायिक भागीदारी की अहम भूमिका पर जोर दिया। वन क्षेत्राधिकारी केवलानंद पांडे ने कहा कि वनाग्नि से बचाव के लिए गांव स्तर पर सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। ग्रामीणों के सहयोग से आग की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण ने सरपंचों और जनप्र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.