बागेश्वर, फरवरी 28 -- जनपद में संभावित वनाग्नि की रोकथाम को लेकर जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में बैठक हुई। डीएम ने कहा कि वनाग्नि मानवीय कृत्य से उत्पन्न आपदा है और इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या संलिप्तता पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम 1927, वन संरक्षण अधिनियम 1980, आईपीसी की धारा 285 व 336 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील गांवों में वनाग्नि प्रबंधन समितियां गठित करने, नियमित रिपोर्टिंग, जनजागरूकता अभियान चलाने तथा फायर वॉचर्स की सक्रिय निगरानी के निर्देश दिए गए। बैठक में विभागों के बीच समन्वय, सड़कों किनारे झाड़ियों की कटाई, पिरूल प्रबंधन तथा वाहनों में जलती सामग्री के सुरक्षित निस्तारण को भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
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