चाईबासा, अप्रैल 13 -- चाईबासा। गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं अक्सर घटित होती हैं। इन घटनाओं से न केवल जंगली जानवरों, बल्कि सूक्ष्म जीव एवं सूक्ष्म पादपों का भी नुकसान होता है। बृहद रूप होने पर बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है। इस नुकसान को समय रहते रोकने को लेकर विभिन्न प्रमंडल के वन रक्षियों को वनपाल प्रशिक्षण संस्थान सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान उन्हें जंगल में आग लगने या उसकी सूचना मिलने पर कैसे नियंत्रण किया जाए, गर्मी के दिनों में जंगलों में आग लग जाने पर क्या किया जाए ताकि आग का विस्तार जंगल के अन्य क्षेत्रों में न हो आदि की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आग लगने के कारण सूक्ष्म जीव जंतु जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाते हैं या छोटे पादप जो छोटे जंतुओं के लिए खाद्य के बड़े स्रोत हैं सहित अन्य दुर्लभ...
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