वट सावित्री व्रत अधिकमास के कारण हुआ लेट, इन 2 तिथियों पर भी रखा जाता है व्रत
नई दिल्ली, जून 18 -- कई लोगों के ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर वट सावित्री व्रत करते हैं, इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखकर मंगल कामना करती हैं। लेकिन यूपी, बिहार और एमपी में कई लोगों की परंपरा अनुसार इस व्रत को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में किया जाता है। अमावस्या को इनके यहां ये व्रत नहीं होता है। ऐसे में अगर आपके यहां भी ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष का व्रत रखा जाता है, तो आप जान सकते हैं कि कौन सी तिथियां शुभ हैं। इन दो तिथियों पर अपनी -अपनी परंपरा के अनुसार महिलाएं व्रत करती हैं और कथा सुनती हैं।क्यों इतना लेट हुआ वट सावित्री व्रत आपको बता दें कि अमावस्या के बाद से अधिकमास लग गया था। अधिकमास 15 जून अमावस्या तक रहा। इसके बाद अब फिर से ज्येष्ठ मास का शुक्ल पक्ष आया है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की वट सप्तमी जिसे बड़ साते कहा जाता ...
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