बिजनौर, मई 16 -- नजीबाबबाद। शांतिकुंज जोनल कार्यालय गायत्री शक्तिपीठ नजीबाबाद में वट सावित्री अमावस्या पर्व पर वट वृक्ष के पौधों का पूजन किया गया। इस मौके पर महिलाओं को वट वृक्ष की पूजा का महत्व बताया गया। गायत्री शक्तिपीठ व्यवस्थापक डॉ दीपक कुमार ने कहा कि वट वृक्ष विराट प्रकृति की काया है और पीपल संसार की अमर आत्मा है। वट वृक्ष अटल विश्वास है और पीपल वृक्ष सजल श्रद्धा है। वट शिव स्वरूप है पीपल विष्णु स्वरुप है। भारत में अक्षय वट सहित पांच वृक्षों का अध्यात्मिक दर्शन है। हिमालय पर वटवृक्ष की छांव में शिव ने पार्वती को कथा सुनाई थी। गंगावन में वटवृक्ष के नीचे वीतराग सुखदेव ने राजा परीक्षित को कथा सुनाई थी। यह भी पढ़ें- वट अमावस्या पर वट वृक्ष की सुहागिनों ने की परिक्रमा तीर्थराज प्रयाग में अक्षय वृक्ष के नीचे महर्षि भारद्वाज ने तप किया। व...