वजीरगंज में प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर साहित्यिक गोष्ठी आयोजित
गया, जुलाई 30 -- शी प्रेमचंद की जयंती की पूर्व संध्या पर गुरुवार को वजीरगंज में हिंदी-मगही साहित्यिक मंच के तत्वावधान में एक साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंच के सदस्यों और साहित्यकारों ने मुंशी प्रेमचंद के हिंदी और उर्दू साहित्य में अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें समाज का सच्चा पथप्रदर्शक बताया। मंच के संरक्षक कृष्णचंद्र चौधरी ने कहा कि साहित्य केवल समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि उसे सही दिशा दिखाने वाला पथप्रदर्शक भी है। संरक्षक लालमणि विक्रांत ने कहा कि प्रेमचंद ने लगभग 300 कहानियां लिखीं और उनकी प्रत्येक रचना आज भी समाज की वास्तविकताओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। कमला प्रसाद सिंह ने कहा कि प्रेमचंद ने कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करते हुए साहित्य के माध्यम से समाज और देश को अमूल्य योगदान दिया।
गोष्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.