नई दिल्ली, जुलाई 24 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और वक्फ संस्थानों को मजबूत बनाने के लिए पारदर्शी प्रबंधन, रिकॉर्ड का डिजिटल संरक्षण और मजबूत कानूनी तैयारी जरूरी है। यह बात शुक्रवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के तत्वावधान में आयोजित ऑल इंडिया मुतवल्लियान कॉन्फ्रेंस में वक्ताओं ने कही। ऐवान-ए-गालिब में आयोजित सम्मेलन में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि वक्फ केवल संपत्ति नहीं, बल्कि एक अमानत और समाज के लिए महत्वपूर्ण संस्था है। उन्होंने कहा कि वक्फ की सुरक्षा केवल मुतवल्लियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरी उम्मत की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मुतवल्लियों से वक्फ संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, उसे डिजिटल रूप देने, वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने, नियमित ऑडिट कराने और अवैध कब्जों ...