बुलंदशहर, जून 21 -- खुर्जा। खुर्जा में निबंधन प्रक्रिया के निजीकरण और इसे निजी संस्थाओं के दायरे में लाने के सरकारी प्रस्ताव के विरोध में जारी आंदोलन अब और तेज हो गया है। विरोध के 10वें दिन प्रदर्शनकारी वकीलों और दस्तावेज लेखकों ने खुरजा तहसील पहुंचकर जिलाधिकारी हर्ष कुमार को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष चौधरी अरब सिंह ने कहा कि ​दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और बार एसोसिएशन खुरजा ने इस प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रक्रिया निजी हाथों में सौंपी गई, तो निजी कंपनियां आम जनता और किसानों का आर्थिक शोषण करेंगी और इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह भी पढ़ें- वकीलों व दस्तावेज लेखकों का धरना जारी ​इस विरोध के चलते संबंधित कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह बंद है। इस आंदोलन को भारतीय कि...