वाराणसी, अप्रैल 1 -- वाराणसी। अपर जिला जज छठवें आलोक कुमार की कोर्ट में मंगलवार को नाव पर इफ्तार कर गंगा में मांसाहार फेंकने के मामले में 14 आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। जमानत अर्जी पर बचाव पक्ष के वकील ने बहस आरंभ की तो वादी पक्ष के वकील राजकुमार तिवारी और शशांक शेखर त्रिपाठी ने उनके वकालतनामा पर सवाल उठाया। दलील दी कि बहस कर रहे अधिवक्ता आरोपियों की ओर से अधिकृत नहीं है। बिना वकालत के बहस करना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। बचाव पक्ष की दलील थी कि वे आरोपियों की ओर से बहस करने के लिए अधिकृत है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए जेल में बंद आरोपियों को बुधवार को तलब किया है और जमानत अर्जी पर सुनवाई टाल दी। अब एक अप्रैल की तिथि मुकर्रर कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संतोष तिवारी ने पक्ष...