आरा, मार्च 22 -- -जगदेव नगर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का छठा दिन आरा, निज प्रतिनिधि। शहर के जगदेव नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के छठे दिन प्रवचन करते हुए श्रीमत्सनातन शक्तिपीठाध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने नर लीला करते हुए शास्त्रोक्त अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष के स्वरूप का निदर्शन किया है। वंश परंपरा के संवर्धन के लिए विवाह कर गृहस्थाश्रम में प्रवेश करना चाहिए। कहा कि विवाह की पवित्रता से वंश की पवित्रता सुनिश्चित होती है। वंश से कुल के देवता और पितरों की सेवा होती है, जिससे वे प्रसन्न रहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने भगवती वैकुण्ठ लक्ष्मी जो रुक्मिणी के रूप में विदर्भराज भीष्मक की पुत्री होकर अवतीर्ण हुई थीं, के साथ वैदिक विधि से विवाह किया। आचार्य ने कहा कि कामदेव बहुत उद्धत हो गया था और ब्रह्मा...
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