मुंगेर, जुलाई 3 -- मुंगेर, निज प्रतिनिधि/नवीन कुमार झा। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की फ्लैगशिप योजना लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की जमीनी हकीकत दावों से बिल्कुल उलट है। ग्रामीण बिहार को स्वच्छ, स्वस्थ और खुले में शौच मुक्त बनाने के बड़े उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना कई गंभीर खामियों से जूझ रही है, जिससे इसके प्रभाव पर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में योजना के क्रियान्वयन के लिए 88 वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट, 96 स्वच्छता पर्यवेक्षक और 1283 स्वच्छता कर्मी कार्यरत हैं। इतनी बड़ी फौज के बावजूद गांवों की तस्वीर नहीं बदली है। ----- यह भी पढ़ें- Siwan News सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ने के बाद भी सड़क से नहीं उठ रहा कूड़ाशौचालय के बावजूद खुले में शौच कर रहे ग्रामीण, नहीं लगाई जा रही रोक: शौचालय निर्माण के आंकड़े भले ही बड़े हों, लेकिन हकीकत यह है कि ...