लखनऊ, जून 17 -- लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। संस्थान में पहली बार इंडवेलिंग प्लूरल कैथेटर (आईपीसी) आधुनिक तकनीक से फेफड़ों के कैंसर और दूसरे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गोंडा के एक रोगी को बड़ी राहत दी है। रोगी को पानी निकालने के लिये बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी। संस्थान के निदेशक ने पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की इस सफलता पर पूरी टीम को बधाई दी। डॉ. हेमंत कुमार ने बताया कि स्टेज-4 कैंसर से इस रोगी को सांस फूलने की समस्या थी। हर 4-5 दिन में उसके फेफड़ों से पानी निकालना पड़ता था। हर चौथे दिन लखनऊ आना मुश्किल था। बार-बार सुई से पानी निकालने पर संक्रमण का खतरा भी बहुत ज्यादा था। इस प्रक्रिया में फेफड़ों को घेरने वाली दोनों झिल्लियां आपस में चिपक जाती हैं। इससे वह...