मुंगेर, जून 16 -- बरियारpur, निज संवाददाता। जिला प्रशासन जून माह से ही बाढ़ से बचाव की तैयारियों में जुट गया है और लगातार समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं। इसके बावजूद बरियारपुर क्षेत्र के लोहापुल बांध की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य अबतक शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि, हर वर्ष बाढ़ के समय आपदा विभाग की ओर से खानापूर्ति के तौर पर कुछ बालू भरे बोरे रख दिए जाते हैं, जो तेज बहाव में बह जाते हैं। बांध का स्थायी जीर्णोद्धार नहीं होने के कारण हर साल सैकड़ों घरों में गंगा का पानी घुस जाता है और सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें बर्बाद हो जाती हैं। बरियारपुर प्रखंड कार्यालय के पीछे से रेलवे लाइन तक लगभग एक हजार मीटर लंबा लोहापुल बांध बना हुआ है। इसमें पूर्वी हिस्से का करीब 200 मीटर भाग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। पिछले वर्ष बाढ़...