चम्पावत, मार्च 15 -- लोहाघाट। नगर सहित ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों में फूलदेई और छम्मा देई के लोक पर्व को बड़ी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने आस पड़ोस की दहलीज में जाकर फूल और चावल चढाए और खुशहाली की कामना की। रविवार को नगर के आसपास फूलदेई का पर्व धूमधाम से मनाया गया। पुराहित मदन कलौनी ने बताया कि यह पारंपरिक लोकपर्व मुख्य रूप से उत्तराखंड से जुड़ा हुआ है। जहां बसंत ऋतु के आगमन और नए साल के स्वागत के रूप में इसे उत्साहपूर्वक मनाते हैं। सुबह-सुबह गांव के छोटे-छोटे बच्चे जंगलों, बगीचों और खेतों से रंग-बिरंगे फूल जैसे बुरांश, फ्योंली, सरसों आदि इकट्ठा करके टोकरियों या थालियों में भरकर गांव में फेरी लगाने निकलते हैं। जिसमें वह आस पड़ोस के घरों की दहलीज पर फूल और चावल डालकर प्रकृति की पूजा करते हैं और सुख-शांति की कामना कर...
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