लोहरदगा, जून 17 -- पेशरार (लोहरदगा) प्रतिनिधि। सुदूरवर्ती इलाकों के लिए ग्रामीण सड़कें जीवन रेखा समान होती हैं। यह सड़कें न केवल आवागमन आसान करती हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं, और रोजगार के अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मुख्यधारा से जोड़ती हैं। लोहरदगा के सुदूरवर्ती पेशरार प्रखंड में सड़कों स्थिति काफी बदल है। झारखंड के सबसे खूबसूरत जलप्रपातों में एक लावापानी की सड़क हर दिन दुर्घटना को आमंत्रित कर रहा है।पेशरार प्रखंड मुख्यालय से लातेहार जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है 10 जून को इस सड़क में बाराती गाड़ी पलट गई थी इसमें आधा दर्जन को घायल हुए थे यह सड़क पर पेशरार से लातेहार तक जाती है। यह रास्ता मक्का, सिरम मुरमू होते हुए लातेहार जाती है। रास्ते में लेहबन पुल के पास से बोण...