नई दिल्ली, फरवरी 27 -- डिफॉल्ट की स्थिति में कर्ज लेने वाले और इसके गारंटर, दोनों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में यह बात कही है। उन्होंने कहा कि एक ही कर्ज के लिए मूल कर्जदार और उसके कॉरपोरेट गारंटर दोनों के खिलाफ एक साथ दिवाला कार्यवाही चलाई जा सकती है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत ऐसा कोई वैधानिक प्रतिबंध नहीं है जो वित्तीय कर्जदाता को अपने बकाया की वसूली के लिए समानांतर कार्रवाई शुरू करने से रोकता हो।क्या कहा गया है फैसले में? न्यायमूर्ति दत्ता ने 47 पृष्ठ के फैसले की शुरुआत में लिखा कि न्यायाधीश को मनमाने ढंग से नए नियम बनाने का अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा- ऋणदाता द्वारा अपने कर्ज के ...
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