रिषिकेष, अप्रैल 2 -- श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल रायवाला में विश्व ऑटिज्म दिवस पर गुरुवार को लोगों को ऑटिज्म के प्रति जागरूक किया गया। मुख्य चिकित्सक डॉ. प्रणति दास ने ऑटिज्म से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऑटिज्म का समाधान केवल दवाओं में नहीं, बल्कि समय पर पहचान में है। स्पीच थेरैपी, ऑक्यूपेशनल थेरैपी, व्यवहार प्रशिक्षण और परिवार का सहयोग बच्चों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। प्रति दस हजार बच्चों में से आठ ऑटिज्म के शिकार बच्चे जन्म ले रहे हैं। अभी भी जागरूकता नहीं बढ़ाई गई, तो आने वाले समय में यह आंकड़े और बढ़ सकते हैं। ऐसे में जरूरत है कि समाज ऑटिज्म को समझकर उसे स्वीकार करे, जिससे प्रभावित बच्चों को समय पर सही मार्गदर्शन मिले। डॉ. रजनी सिंह ने गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सल...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.