पटना, मार्च 27 -- लोक पंच संस्था की ओर से शुक्रवार को रंगवेदिका के मंच पर हंसी और व्यंग्य का अनूठा संगम देखने को मिला। सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार शरद जोशी की रचना से प्रेरित नाटक 'तुम कब जाओगे' का शानदार मंचन हुआ। जहांगीर के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक में कलाकारों ने बेहतर अभिनय का परिचय दिया। कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से मध्यमवर्गीय परिवार की उस विडंबना को प्रस्तुत करता है जहां अतिथि देवो भव धीरे-धीरे बोझ लगने लगता है। नाटक की कहानी एक अनचाहे मेहमान के इर्द-गिर्द घूमती है जो बिना बताए आता है और फिर वापस जाने का नाम नहीं लेता। शुरुआत में तो सब अतिथि देवो भव की संस्कार को निभाते हुए बहुत ही आदर-सत्कार करते हैं। लेकिन बाद में अतिथि के लंबे समय तक रहने से परेशान हो जाते हैं। आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से परेशान हो जाते हैं। अंत में उनके...