गंगापार, अगस्त 6 -- भारतीय लोक कला देश की सांस्कृतिक विरासत और पहचान की आधारशिला है। लोक कलाओं का संरक्षण केवल कलाकारों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते इन कलाओं को बढ़ावा नहीं दिया गया तो आने वाली पीढ़ियां अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से वंचित हो सकती हैं। उक्त बातें क्षेत्र के मंशा देवी विद्यालय, सावडीह में भारतीय लोककला महासंघ के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चंद्र यादव ने कहीं। उन्होंने कलाकारों से गांव-गांव और शहरों तक लोक कला के प्रचार-प्रसार का आह्वान करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।बैठक में उपस्थित कलाकारों एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने लोक कला के संरक्षण, संवर्धन और राष्ट्रीय स्तर पर पह...