गढ़वा, मार्च 2 -- गढ़वा। लोक गायकी के क्षेत्र में विशेष कर नारदी विधा के माध्यम से विशेष पहचान बनाने वाले जिले के लोकप्रिय कला साधक का सोमवार को निधन हो गया। यह जानकारी पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच के निदेशक नीरज श्रीधर ने दी। उन्होंने बताया कि विक्रमा व्यास ने अपने पूरे जीवन काल में लोक गायन की विभिन्न विधाओं के माध्यम से समाज को बहुत कुछ दिया। भजन-कीर्तन के साथ दो गोला गायन में भी उनके द्वारा कई कीर्तिमान स्थापित किए गए। लोककला की सेवा करते हुए विक्रमा ने अपने कई शिष्यों को भी लोक गायन की विधा में निपुण बनाने का कार्य किया। उन्हें कई अवसरों पर विभिन्न प्रकार के सम्मानों से सम्मानित भी किया गया। कला एवं साहित्य की अखिल भारतीय संस्था संस्कार भारती की गढ़वा जिला इकाई द्वारा उन्हें कला गुरु सम्मान से सम्मानित भी किया गया था। उनका निधन समस्त क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.