गंगापार, सितम्बर 4 -- बदलते परिवेश में विलुप्त होती प्राचीन लोक कलाओं और लोक विधाओं को जीवंत बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। कुशल लोक कलाकारों की संख्या लगातार कम होती जा रही है, ऐसे में लोक कलाओं को संरक्षण और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। यह बातें भारतीय लोक कला महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश चंद्र यादव ने चिरौडा गांव में शुक्रवार को आयोजित लोक कलाकार जनजागरूकता गोष्ठी को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि लोक कलाकारों की उपेक्षा सभी सरकारों के कार्यकाल में हुई है। बताया कि फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल ने लोक कलाकारों के हित में सरकार से अपेक्षित सहयोग दिलाने का भरोसा दिया है। महासंघ के जिलाध्यक्ष गुलाब चंद्र मौर्य ने कहा कि प्राचीन समय की घटनाओं और लोक कथाओं को लोक गायकों ने गायन व मंचन के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित रखा है। दे...