सासाराम, मार्च 21 -- सूर्यपुरा, एक संवाददाता। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ नहाय खाय के साथ रविवार से शुरू होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का समापन 25 मार्च को उदयीमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। शास्त्रों के अनुसार चैती छठ का अपना एक अलग महत्व है। मान्यता है कि इस माह मनाए जाने वाले छठ की महत्ता कहीं अधिक है। यह सबसे कठिन व्रत है। यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होकर सप्तमी तिथि तक चलता है। कार्तिक मास में होने वाले छठ व्रत की अपेक्षा यह काफी कठिन होता है। व्रतियों में गुड़िया देवी, सुभद्रा देवी, लक्ष्मीना देवी आदि ने बतायी कि वे बड़ा तालाब घाट तक पहुंच भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर व्रत को पूरा करेंगी।
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