मुजफ्फरपुर, नवम्बर 27 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। कवि राकेश ने उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में रहते हुए साहित्य लेखन का काम किया। कई पत्रिकाओं के संपादन से भी जुड़े रहे। इनकी कविताएं शौर्य, पराक्रम, ओज, विद्रोह और स्वाभिमान के प्रखर स्वर के बीच जीवन सत्य का भी दर्शन है। लोक आस्था और जनसंवेदना के बड़े कवि थे राकेश। ये बातें गुरुवार को आमगोला स्थित शुभानंदी के सभागार में महाकवि राकेश स्मृति समिति और नवसंचेतन के संयुक्त तत्वावधान में कवि राम इकबाल सिंह राकेश की पुण्यतिथि पर आयोजित स्मरण पर्व में डॉ. संजय पंकज ने कहीं। उन्होंने कहा कि कविवर राकेश ने महाकाव्यात्मक औदात्य से भरी कई लंबी रचनाओं का सृजन किया। मैथिली लोकगीत उनके विशिष्ट संग्रह हैं। गांव की मिट्टी, उसकी प्रकृति और सामाजिकता इनकी रचनाधर्मिता में सहज ही देखने योग्य हैं। डॉ. विजय श...
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