नई दिल्ली, मार्च 26 -- नई दिल्ली। भारतीय रेल ट्रेन हादसों को रोकने के लिए ऐसी तकनीक विकसित कर रही है जिससे लोको पायलट के तीन सेकंड पलक झपकने पर ट्रेन में ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे। चीन, जापान और यूरोपीय देशों की तर्ज पर अंतरिक्ष और एआई के बाद अब रेलवे बायो-मैट्रिक्स तकनीक का सहारा लेने जा रही है। इसके तहत अत्याधुनिक तकनीक आई-गज को विकसित किया जा रहा है। यह तकनीक लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) की आंखों की पुतलियों और पलकों की हरकत पर चौबीसों घंटे नजर रखेगी। थकान अथवा नींद के झोंके कारण लोको पॉयलेट की पलकें तीन सेकंड से ज्यादा समय तक बंद रहती है तो ट्रेन में ऑटोमैटिक ब्रेक लग जाएगा।रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोकोमोटिव (इंजन) के केबिन में चालक के ठीक सामने छोटे-छोटे इंफ्रारेड कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे चालक की आंखों को ट्रैक कर...