लोकगीतों में बसती हैं भारतीय संस्कृति की आत्मा : परदेसी
प्रयागराज, मई 30 -- प्रयागराज, संवाददाता। एनसीजेडसीसी में आयोजित विमर्श की कड़ी में शनिवार को लोक कलाकार उदय चंद्र परदेसी ने अपनी कला साधना से जुड़े विविध पहलुओं को साझा किया। केंद्र के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में परदेसी ने कहा कि भारतीय संस्कृति की आत्मा लोकगीतों में बसती है। आज नई पीढ़ी को लोकगीतों से जोड़ने की जरूरत है। लोकगीत हमारी सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक मूल्यों और सनातन परंपराओं के जीवंत संवाहक हैं। आधुनिकता और बदलती जीवनशैली के प्रभाव में अनेक लोक विधाएं विलुप्त हो रही हैं। ऐसे में उनके संरक्षण, संवर्धन और प्रलेखन के लिए सामूहिक प्रयास समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि भारतीय लोकगीतों में जीवन के प्रत्येक संस्कार का सुंदर व सार्थक उल्लेख मिलता है। लोकसंगीत उनके लिए केवल एक कला नहीं, बल्कि पारिवारिक विरासत है। उनके दादा अंग्र...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.