नई दिल्ली, अगस्त 20 -- तलाक से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष न्यायालय का कहना है कि वैवाहिक विवाद के मामलों में बच्चे की पितृत्व जांच या पैटरनिटी कराया जा सकता है। साथ ही कोर्ट ने महिला की तरफ से इस टेस्ट के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को भी खारिज कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच सुनवाई कर रही थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक शख्स ने पति के चरित्र पर सवाल उठाए और तलाक की मांग की थी। साथ ही दावा किया था कि वह बच्चे का पिता नहीं है। अब पुणे में फैमिली कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है, जिसमें डीएनए टेस्ट की अनुमति दी गई थी। याचिकाकर्ता पति का कहना था कि आरोप सिर्फ डीएनए टेस्ट से ही साबित हो सकते हैं। यह भी पढ़ें- SC में शिवसेना पर...