रुद्रपुर, अक्टूबर 3 -- पंतनगर, संवाददाता। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों का शोध प्रयोगशाला और फाइलों तक सीमित रह जाए तो उसका कोई अर्थ नहीं है। शोध की सार्थकता तभी है, जब वह 'लैब से लैंड' होते हुए किसान के खेत तक पहुंचे। किसानों को अब परंपरागत खेती से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक के माध्यम से गुणवत्ता, उत्पादकता और आय बढ़ानी होगी। शनिवार को जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 120वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का राज्यपाल ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पंतनगर कोई सामान्य विश्वविद्यालय नहीं है। विश्वविद्यालय ने देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। यह भी पढ़ें- डिग्री बांटना नहीं, किसानों के जीवन मे...