रांची, जून 29 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड में 50 वर्षों से लंबित भूमि सर्वेक्षण कार्य में हो रही देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को कड़ी नाराजगी जताई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने पूछा कि जब पिछली सुनवाई में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव को स्वयं शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया था, तो उनकी जगह विभागीय अवर सचिव ने हलफनामा क्यों दाखिल किया। हाईकोर्ट ने सचिव को 15 जुलाई तक व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल कर राज्य में भूमि सर्वे की प्रगति, नई तकनीक के उपयोग और सभी जिलों में सर्वे कार्य पूरा होने की समय-सीमा बताने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी。

सुनवाई के दौरान सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपने 17 जून 2025 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि तब सरकार को चार सप्ताह के भीतर भूमि ...