लखनऊ, मार्च 25 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने लेसा में एक अप्रैल से 326 संविदा कर्मचारियों को हटाने का विरोध किया है। समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि एक ओर मुख्यमंत्री संविदा कर्मियों का मानदेय बढ़ाने और उनके हितों की रक्षा के निर्देश दे रहे हैं, वहीं पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन बड़े पैमाने पर कर्मियों की छंटनी कर उन्हें बेरोजगार करने पर तुला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि 01 अप्रैल से ईआरपी व्यवस्था के तहत वेतन रोकने और वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग के नाम पर छंटनी की सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 में 171 कर्मी, हाल ही में अमौसी से 25 कर्मी और लेसा से 56 कंप्यूटर ऑपरेटर पहले ही हटाए जा चुके हैं। उन्हों...
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