अलीगढ़, मार्च 23 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। जिले में अधिकांश फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) को लेवल-3 घोषित किया गया है। इनमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भी शामिल हैं। पर, ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं लगभग शून्य हैं। जनवरी की एफआरयू रिपोर्ट स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत उजागर कर रही है। कागजों में लेवल-3 एफआरयू विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिले में एक महीने में कुल 3901 डिलीवरी हुईं, जबकि सी-सेक्शन की संख्या केवल 679 रही। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पूरे जिले में एक भी नियमित या संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) सर्जन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में आपातकालीन ऑपरेशन कैसे किए जा रहे हैं, यह बड़ा सवाल है। विशेषज्ञों की स्थिति भी बेहद कमजोर है। गायनोकोलॉजिस्ट के केवल दो नियमित और 11 संविदा डॉक्टर हैं, जबकि एनेस्थेटिस्ट क...