औरंगाबाद, फरवरी 12 -- बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ (सीटू) के बैनर तले बिहार राज्य आशा एवं आशा फैसिलिटेटर संघ ने 10 ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर गुरुवार को विभिन्न मांगों को लेकर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। शहर के गांधी मैदान से आक्रोश मार्च निकाला गया, जो मुख्य बाजार होते हुए सदर अस्पताल पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सभी आशा व आशा फैसिलिटेटर को तृतीय वर्ग कर्मचारी के रूप में नियमित करने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थायी योजना बनाने और लंबित केंद्रीय राशि जारी करने की मांग की गई। एएनएम पद पर प्रोन्नति, छह माह का मातृत्व अवकाश, 20 दिन का आकस्मिक व मेडिकल अवकाश देने की मांग की गई। वास्तविक यात्रा भत्ता, मोबाइल, टैबलेट, डाटा पैक और नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर ...
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