रांची, मई 12 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने लेडी सुपरवाइजर नियुक्ति प्रक्रिया में पहली मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को नियुक्ति से बाहर किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है। मंगलवार को जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) से पूछा है कि जब पहली मेरिट लिस्ट में ही पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी थे, तो दूसरी सूची जारी कर उसमें शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति कैसे की गई। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि 131 पद अब भी रिक्त रहने के बावजूद प्रार्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर क्यों रखा गया। इस संबंध में कुमारी सोनम एवं 22 अन्य ने याचिका दायर की है। सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि लेडी सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन निकला था। पहली मेरिट लिस्ट में 521 को दस्तावेज सत्यापन...