रिषिकेष, मार्च 13 -- थानो स्थित लेखक गांव में शुक्रवार की शाम को शब्दों की ऐसी सरगम बिखरी कि पूरा वातावरण साहित्य और संवेदना से महक उठा। दीपों के उजास के बीच शुरू हुए सात दिवसीय विरासत कला उत्सव के उद्घाटन समारोह में कविता की ओजस्वी, व्यंग्यात्मक और भावपूर्ण धारा बहती रही। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से कभी राष्ट्रभावना को स्वर दिया तो कभी समाज की विडंबनाओं पर तीखा व्यंग्य करते हुए श्रोताओं को देर तक मंत्रमुग्ध किए रखा। शुक्रवार को स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवं लेखक गांव, थानो, देहरादून के संयुक्त तत्वावधान में सात दिवसीय विरासत कला उत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि, उपाध्यक्ष पारिस्थितिकी पर्यटन परिषद गणेश खुगशाल 'गणी', निदेशक लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र विभाग, हेमवती न...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.