चंदन द्विवेदी पटना।, मई 29 -- Super El Nino: सुपर अलनीनो को लेकर देशभर में चल रही व्यापक चर्चाओं के बीच बिहार के मौसम चक्र, विशेषकर मानसून पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। यह जुलाई से शुरू होकर अगले साल फरवरी तक वैश्विक स्तर पर असर दिखाएगा। बिहार में बारिश पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सबसे नजदीक मानसून का मौसम है। पिछले दस वर्षों में सात बार मानसून की मार झेल चुके बिहार के लिए क्या यह खतरे का संकेत है, इसे लेकर मौसमविदों और जलवायुविदों की अलग-अलग राय है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिहार पर इसका असर देश के अन्य हिस्सों की तुलना में कम होगा। मौसम और जलवायु विषयों के जानकार बताते हैं कि इस वैश्विक घटना से बिहार पूरी तरह अछूता नहीं रहेगा, लेकिन सूबे का मौसम चक्र देश के अन्य हिस्सों की अपेक्षा...