फरीदाबाद, मई 8 -- नूंह, सरसमल। लुप्त होती लोक कलाओं के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गुरु-शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना शुरू की गई है। जिसके तहत  कलाकारों और लोक विधाओं से जुड़े गुरुओं से आवेदन मांगे हैं। चयनित गुरु, संगतकार और शिष्यों को मासिक छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। जिला लोकसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र बजाड़ ने जारी बयान में बताया कि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज की ओर से वर्ष 2026-27 के लिए यह योजना चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कला विधाओं को बचाना और नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ना है। योजना के तहत कलाकारों से नाम, पता, मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं। आवेदन 11 मई दोपहर तीन बजे तक जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कार्यालय में जमा कराए जा सकते हैं। योजना के अनुसार चयनित गुरु को 7500 रुपये प्रतिमा...