आजमगढ़, अगस्त 1 -- निजामाबाद, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के शिवली गांव में शुक्रवार को लुटे हुए काफिले की याद में कारवाने गम जुलूसे अमारी निकाला गया। कारवाने गम में कर्बला के शहीदों की शबीह अलम, दुलदुल और अमारी बरामद हुआ। कारवाने गम में प्रदेश के कई जिलों से आए हुए जायरीनों ने शबीह की जियारत की और उस पर फूल-मालाएं चढ़ाईं। जुलूस अमारी शिवली गांव के कर्बला से शबीह अलम, शबीह जुलजिन्नाह व शबीह अमारी के साथ कर्बला से सुबह आठ बजे निकला। जुलूस में शामिल अंजुमनों ने जगह-जगह रुककर नौहा मातम व सीनाजनी पेश की। 'शह ने कहा मर जाएगी यकीनन तू तड़पकर, सुगरा जो अगर देखती जख्मे अली अकबर' व 'जैनब ने कहा भैया मैं कैसे वतन जाऊं' आदि नौहा सुनकर जायरीनों की आंखें नम हो जा रही थीं। जुलूस अमारी में औरतों और बच्चों ने भी हिस्सा लिया। अपने खिताब में मौलाना सैयद जीशान...