बरेली, अप्रैल 5 -- बरसेर। ऐतिहासिक लीलौर झील में पानी भरने को लगाए गए दोनों ट्यूबवेल पिछले दो माह से खराब पड़े हैं। इससे झील का जलस्तर घट गया है। पिछले दिनों पांडव कालीन लीलौर झील को विकसित करने के मुहिम चलाई गई थी। पर्यटन स्थल बनाने के दावे किए गए थे। नौका विहार के लिए बोट और टॉय ट्रेन चल रही हैं। गेस्ट हाउस और पार्क के कार्य भी प्रगति पर है। सिंचाई विभाग ने झील में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए यहां तीन नलकूप लगाए हैं। दो नलकूप पिछले दो माह से खराब हैं। शनिवार को डीएम के आने की सूचना पर दो कर्मचारी लीलौर झील पर पहुंचे और नलकूप को सही करने की कवायद शुरू कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि दो नलकूप लगभग तीन माह से खराब हैं, एक की मोटर आ गई है तो एक का स्टार्टर नहीं आया है। इस लापरवाही से झील का जलस्तर घट रहा है।
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