लीची सुरक्षित रखने में मेडागास्कर तकनीक की आंशिक सफलता से जगी उम्मीद
मुजफ्फरपुर, जुलाई 9 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। लीची को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मेडागास्कर तकनीक की आंशिक सफलता से लीची अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिकों की उम्मीद जगी है। 16 जून को पताही स्थित प्रोसेसिंग यूनिट में रखी गई चाइना लीची को 21 दिन बाद सात जुलाई को देखा गया तो ग्रेड-वन लीची सुरक्षित पायी गयी। लीची में सल्फाइटेशन के कारण उसका हल्का स्वाद आ रहा है। फल के रंग और आकार में कोई अंतर नहीं आया है। हालांकि, ग्रेड-टू लीची की गुणवत्ता में कमी पाई गई। इसके फल सूख गए और रंग भी बदला दिखा। मेडागास्कर के वैज्ञानिकों ने प्रोसेंसिंग यूनिट में 2 सौ किलो लीची को सल्फाइटेशन प्रक्रिया से प्रोसेसिंग कर सुरक्षित रखवाया था। उसी दिन इस तकनीक से प्रोसेसिंग कर दस टन लीची दुबई भेजी गई थी。
21 दिन बाद सुरक्षित दुबई पहुंची चाइना लीची राष्ट्रीय ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.