मुजफ्फरपुर, मई 6 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। इस बार लीची की फसल पर मौसम की बड़ी मार पड़ी है। पहले पेड़ों में मंजर कम आया। उसके बाद अधिक तापमान के कारण मंजर झूलस गए। इसके बाद रही सही कसर आंधी-ओलावृष्टि ने पूरी कर दी। इससे बची फसल तैयार होने का समय आया तो स्टिंक बग कीट का प्रकोप उम्मीद पर पानी फेर रहा है। हालत यह है कि बागानों में 40 फीसदी भी लीची का फल नहीं दिख रहा है। यह भी पढ़ें- Bihar Weather: बिहार में आज संभल कर रहें, भीषण बारिश और वज्रपात का येलो और ऑरेंज अलर्ट; आगे कैसा रहेगा मौसमजिले में लीची बागान जिले में कांटी, मीनापुर, बोचहां, मुशहरी, बंदरा, कुढ़नी आदि प्रखंडों में बड़े पैमाने पर लीची के बागान है। यहां भी बागानों में 25 से 40 फीसदी ही लीची दिख रही है। अधिकांश बागान खाली हैं। किसान, व्यापारी, लीची वैज्ञानिक, कृषि वैज्ञ...
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