मुजफ्फरपुर, जून 13 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मौसम, प्राकृतिक आपदा और स्टिंक बग कीट के कारण बर्बाद लीची किसानों के लिए सालभर परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। लीची की फसल के नुकसान से किसान कर्ज में डूब चुके हैं। ऐसे में परिवार की चिंता करें या महाजन और बैंक का कर्ज चुकाएं, इस समस्या से जूझ रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे आगे भी इसी तरह नुकसान उठाते रहेंगे, जबतक सरकार लीची में बीमा सुविधा शुरू नहीं करती। यह भी पढ़ें- आलू, मक्का और गेहूं बेच किसानों का बकाया कर रहे चुकता16 लाख की थी उम्मीद, दो लाख पर सिमटा करोबार कांटी शहबाजपुर के लीची किसान बबलू शाही ने बताया कि इस बार अपने 150 के साथ-साथ अन्य किसानों से भी लीची के 175 पेड़ लिया था। बड़ी मेहनत कर बागान की देखभाल की। सीजन में लीची से 16 लाख रुपये तक की आमदनी की उम्मीद थी, मगर दो...