मुजफ्फरपुर, मई 22 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। मोतीपुर प्रखंड के फूलवरिया में गुरुवार को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी के वैज्ञानिकों ने लीची बागानों का जायजा लिया। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शमसेर सिंह एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रभात कुमार ने किसानों को तकनीकी सुझाव दिए। लीची व्यापारी मो. इस्लाम ने तना छेदक कीट एवं स्टिंक बग के प्रकोप से वैज्ञानिकों को अवगत कराया। इस पर वैज्ञानिकों ने समय पर प्रबंधन करने की सलाह दी। वहीं, मीनापुर के व्यापारी श्याम ने बायोडिग्रेडेबल फिल्म के उपयोग के सकारात्मक परिणाम को साझा किया। उन्होंने बताया कि तुड़ाई के बाद लीची को इस विशेष फिल्म में पैक कर भेजने से इसकी शेल्फ लाइफ लगभग 2 से 3 दिनों तक बढ़ गई है। यह भी पढ़ें- माइक्रोबियल स्प्रे अब लीची को खराब होने से बचाएगा इसके बाद वैज्ञानिकों की टीम ने ...