प्रयागराज, जनवरी 24 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि पश्चिमी विचारों और लिव-इन रिलेशनशिप की अवधारणा के प्रभाव में युवाओं में विवाह के बिना साथ रहने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। और जब ऐसे संबंध टूटते हैं तो एफआईआर दर्ज की जाती है। कोर्ट ने कहा कि कानून महिलाओं के पक्ष में हैं इसलिए पुरुषों को उन कानूनों के आधार पर दोषी ठहराया जाता है, जो उस समय बनाए गए थे जब लिव-इन रिलेशनशिप की अवधारणा अस्तित्व में ही नहीं थी। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्र प्रथम की खंडपीठ ने विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट महाराजगंज द्वारा चंद्रेश को दी गई उम्रकैद सहित दोषसिद्धि के आदेश को रद्द करते हुए की। अपीलार्थी चंद्रेश को आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 366 (विवाह के लिए अपहरण) और 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना ), पॉक्सो एक्ट की धारा ...
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