जमशेदपुर, जून 20 -- सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) जमशेदपुर ने नई दिल्ली की कंपनी मैसर्स आरटूई ग्रीनटेक प्राइवेट लिमिटेड के साथ पुरानी व अनुपयोगी लिथियम-आयन बैटरियों के पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) के लिए विकसित स्वदेशी तकनीक के हस्तांतरण और व्यावसायीकरण हेतु समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता गुरुवार को सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी और दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण लिथियम-आयन बैटरियों की मांग तेजी से बढ़ी है, लेकिन जीवनकाल समाप्त होने के बाद इनका सुरक्षित निपटारा गंभीर चुनौती बनता जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक भारत में वर्ष 2035 तक करीब 2 मिलियन टन बैट्री कचरा उत्पन्न हो सकता है। यह भी पढ़...